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Sunday, May 17, 2015

बौद्ध तथा हिन्दू धार्मिक विचारधारा का संयुक्त रूप सुखद-हिन्दी चिंत्तन लेख(bauddh tathaa hindu dharmik vichardhara ka sanyukt roop sukhad-hindi thought article)


       प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन तथा मंगोलिया यात्रा में भगवान बुद्ध तथा उनके चरित्र की चर्चा का राजनीतिक रूप से कोई महत्व अभी दृष्टिगोचर नहीं हो रहा है लेकिन वैश्विक पटल के ऊपर इसके प्रभाव कालांतर में अप्रत्याशित रूप से दिखेंगे। चीन में सबसे अधिक बुद्ध धर्म मानने वाले हैं पर वैश्विक पर्दे पर वह वामपंथी विचाराधारा का प्रतीक बना रहा। अहिंसा के सबसे बड़े प्रवर्तक भगवान बौद्ध की विश्व में उस तरह चर्चा नहीं हुई जितनी पश्चिम धर्म प्रवर्तकों की दिखती रही। पश्चिम के दोनों धर्मो की चर्चा खूब हुई पर बुद्ध धार्मिक विचाराधारा का प्रवाह अपेक्षा के अनुकूल नहीं हुआ। चीन से अनेक लोग विदेश गये पर अपनी धार्मिक पहचान का महत्व साथ नहीं लाये। इससे तो हिन्दू धार्मिक लोग बेहतर रहे जिन्होंने विश्व में अपनी धार्मिक  पहचान कम नहीं होने दी।
        हमारा अनुमान है कि जिस तरह चीन की जो राजकीय विचाराधारा रही है उसमें धर्म अध्यात्म का कोई महत्व नहीं रहा और अभी तक वहां  के लोगों ने शायद ही कभी अपने राजपुरुषों की मंदिर में उपस्थिति की तस्वीर देखी हो पर श्रीनरेद्रमोदी की यात्रा ये यह अवसर उन्हें मिला। विश्व पटल पर चीन के राजपुरुषों की मंदिरों में श्रीमोदी के साथ उपास्थिति वहां के देश की अध्यात्मिक छवि भी बना सकती है। अंततः यह बौद्ध धर्म के प्रचार में सहायक होकर उसका विस्तार कर सकती है। सबसे बड़ी बात यह कि हिन्दू तथा बौद्ध की संयुक्त  छवि विश्व में प्रचारित पश्चिमी धर्मो के लिये चुनौती बन सकती है। अभी तक यह देखा गया है कि एक धर्म से दूसरे धर्म में जाने की पंरपरा अधिक रही है। बौद्ध तथा हिन्दू धर्म की संयुक्त छवि न होने से पश्चिम में लोगों के पूर्वी धर्म कभी आकर्षक विकल्प नहीं बने जो अब संभावना बन सकती है। मुख्य बात यह कि भारतीय अध्यात्म्कि दर्शन अधिक तेजी से वैश्विक पटल पर छा सकता है जो पश्चिम के दो धर्मों के आपसी संघर्ष के बीच तीसरी विचाराधारा के रूप पहले से ही मौजूद है।
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दीपक राज कुकरेजा ‘‘भारतदीप’’
ग्वालियर मध्यप्रदेश
Deepak Raj Kukreja "Bharatdeep"
Gwalior Madhyapradesh
संकलक, लेखक और संपादक-दीपक राज कुकरेजा ‘भारतदीप’,ग्वालियर 
athor and editor-Deepak Raj Kukreja "Bharatdeep",Gwalior
http://zeedipak.blogspot.com
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